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21
أَم حَسِبَ الَّذينَ اجتَرَحُوا السَّيِّئَاتِ أَن نَجعَلَهُم كَالَّذينَ آمَنوا وَعَمِلُوا الصّالِحاتِ سَواءً مَحياهُم وَمَماتُهُم ۚ ساءَ ما يَحكُمونَ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

जो लोग बुरा काम किया करते हैं क्या वह ये समझते हैं कि हम उनको उन लोगों के बराबर कर देंगे जो ईमान लाए और अच्छे अच्छे काम भी करते रहे और उन सब का जीना मरना एक सा होगा ये लोग (क्या) बुरे हुक्म लगाते हैं