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65
وَلَقَد أوحِيَ إِلَيكَ وَإِلَى الَّذينَ مِن قَبلِكَ لَئِن أَشرَكتَ لَيَحبَطَنَّ عَمَلُكَ وَلَتَكونَنَّ مِنَ الخاسِرينَ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

और (ऐ रसूल) तुम्हारी तरफ और उन (पैग़म्बरों) की तरफ जो तुमसे पहले हो चुके हैं यक़ीनन ये वही भेजी जा की है कि अगर (कहीं) शिर्क किया तो यक़ीनन तुम्हारे सारे अमल अकारत हो जाएँगे और तुम तो ज़रूर घाटे में आ जाओगे