You are here: Home » Chapter 21 » Verse 77 » Translation
← Sura 21 →
← Aya 77 →
77
وَنَصَرناهُ مِنَ القَومِ الَّذينَ كَذَّبوا بِآياتِنا ۚ إِنَّهُم كانوا قَومَ سَوءٍ فَأَغرَقناهُم أَجمَعينَ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

और जिन लोगों ने हमारी आयतों को झुठलाया था उनके मुक़ाबले में उनकी मदद की बेशक ये लोग (भी) बहुत बुरे लोग थे तो हमने उन सबको डुबो मारा