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50
وَهٰذا ذِكرٌ مُبارَكٌ أَنزَلناهُ ۚ أَفَأَنتُم لَهُ مُنكِرونَ

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

और वह बरकतवाली अनुस्मृति है, जिसको हमने अवतरित किया है। तो क्या तुम्हें इससे इनकार है